I.A. Richards Figurative Language
Blog is given by Barad Sir. किसी का हुक्म है सारी हवाएँ हमेशा चलने से पहले बताएँ कि उन की सम्त क्या है किधर जा रही हैं हवाओं को बताना ये भी होगा चलेंगी अब तो क्या रफ़्तार होगी हवाओं को ये इजाज़त नहीं है कि आँधी की इजाज़त अब नहीं है हमारी रेत की सब ये फ़सीलें ये काग़ज़ के महल जो बन रहे हैं हिफ़ाज़त उन की करना है ज़रूरी और आँधी है पुरानी इन की दुश्मन ये सभी जनते हैं किसी का हुक्म है दरिया की लहरें ज़रा ये सर-कशी कम कर लें अपनी हद में ठहरें उभरना फिर बिखरना और बिखर कर फिर उभरना ग़लत है ये उन का हंगामा करना ये सब है सिर्फ़ वहशत की अलामत बग़ावत की अलामत बग़ावत तो नहीं बर्दाश्त होगी ये वहशत तो नहीं बर्दाश्त होगी अगर लहरों को है दरिया में रहना तो उन को होगा अब चुप-चाप बहना किसी का हुक्म है इस गुलिस्ताँ में बस इक रंग के ही फूल होंगे कुछ अफ़सर होंगे जो ये तय करेंगे गुलिस्ताँ किस तरह बनना है कल का यक़ीनन फूल तो यक-रंगीं होंगे मगर ये रंग होगा कितना गहरा कितना ह...